सत्य का सारथी

पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा नेताओं में मारपीट

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लखीमपुर/घनश्याम बाजपेई


उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को अपनी उपलब्धि बताने वाली तथा निर्भीकता एवं निष्पक्षता के साथ पंचायत चुनाव संपन्न कराने का दावा करने वाली योगी सरकार की हकीकत उस समय सामने आ गई जब जनपद लखीमपुर के दो दबंग भाजपा नेता पंचायत की महिला प्रत्याशियों का नामांकन जबरिया वापिस कराने को लेकर विकास खंड कार्यालय में ही आपस में गाली गलौज और मारपीट करते नजर आए ।

घटना का वीडियो

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद लखीमपुर के नकहा विकासखंड के ब्लाक प्रमुख पवन गुप्ता भाजपा समर्थित कई प्रत्याशियों के साथ उनके निर्वाचन संबंधी कार्यों को कराने हेतु विकासखंड में मौजूद थे तभी जनपद लखीमपुर के बहुचर्चित व दबंग सदर विधायक योगेश वर्मा भी अपने समर्थकों के साथ ग्राम पंचायत पचपुरवा से चुनाव लड़ने वाली महिला प्रत्याशियों और उनके परिवार के सदस्यों को जबरिया नामांकन पत्र वापस कराने के लिए साथ लेकर विकास खंड कार्यालय में आ धमके। जब विधायक समर्थक उन प्रत्याशियों को धमका रहे थे उसी समय उन प्रत्याशियों में से एक ने ब्लाक प्रमुख पवन गुप्ता को आवाज देकर बुलाया और उनसे कहा कि विधायक जी सुबह ही तीन चार गाड़ियों के साथ अपने समर्थकों को साथ लेकर हमारे घर आ गये थे और जबरिया नामांकन पत्र वापस कराने के लिए धमका रहे हैं जब हम लोगों ने नामांकन पत्र वापस लेने से इंकार किया तो इनके समर्थकों ने हम सबको जबरिया गाड़ी में बैठा लिया और यहां ले आए हैं अब आप विधायक जी से बात कर हम सब लोगों को छुड़वा दें इस पर ब्लाक प्रमुख पवन गुप्ता ने विधायक योगेश वर्मा से कहा कि आप इनका नामांकन वापस कराने के लिए दबाव ना डालें क्योंकि यह कार्य पार्टी की नीतियों के विरुद्ध है ,इससे पार्टी की बदनामी होगी। इस पर विधायक और उनके समर्थक ब्लाक प्रमुख से गाली गलौज करने लगे और विधायक ने गालियाॅ देते हूये उनको ब्लाक प्रमुख का चुनाव हरवा देने की धमकी दे डाली जिस से ब्लाक प्रमुख ने विधायक का गिरेबान पकड़ लिया और दोनों में मारपीट होने लगी। उस समय घटनास्थल पर आम जनता के साथ ही साथ जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे तथा दो दबंग भाजपा नेताओं के बीच होने वाले गाली गलौज और मारपीट का नजारा मूकदर्शक की भांति देखते को मजबूर थे।

घटना के बाद ब्लाक प्रमुख का बयान

जनपद लखीमपुर के नकहा विकास खंड कार्यालय में मारपीट गुंडागर्दी और गाली गलौज का यह नजारा देखकर जनता के समझ में यह भी आ गया कि निष्पक्षता के साथ उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव कराने में योगी सरकार कितनी सक्षम है ।
सत्तारूढ़ दल के दिग्गज नेताओं के बीच हुए इस संग्राम के बाद ब्लॉक कार्यालय पर जिला प्रशासन द्वारा पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और जिले में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है की जबरिया नामांकन पत्र वापस कराने के इस प्रकरण में यदि राज्य निर्वाचन आयोग ने विधायक के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की तो चुनाव के दौरान कोई भी बड़ी आपराधिक घटना घट सकती है।

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